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बहस, वाद-विवाद व विमर्श का मंच

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Shailesh Gupta


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मोस्ट पॉवरफुल इंडियंस 2010

Posted On: 2 Feb, 2010  
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Hello world!

Posted On: 15 Jan, 2010  
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शैलेष जी आप द्वारा अमिताभ बच्चान के तारीफ मे काफी कुछ कहा लेकिन एक तथ्य यह भी विचारणीय रहै कि वे एक ऐसे इन्साीन है जो अग्रगामी सोच के बजाय पश्चिगामी सोच से प्रेरित है । उनके किसी भी कृत्य से समाज जो कोई नई दि‍शा नही मिलती है। चाहे वह भगवान वेंकेटेश को तीन करोड के कंगन चढाये जाने का प्रकरण हो या द्वारा उत्त र भारतीयों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान पर उनका समर्पण कोई सकारात्म क राय बनाने मे सहायक नही हो रहे है। उनके जैसे कलाकार यदि मनसे गलत कृत्यों का प्रतिवाद नही कर सकते तो एक प्रवासी रिक्सा चालक या आम मजदूर से क्यास अपेक्षा की जाय। उत्ततर भारतीय होने के वावजूद प्रतिवाद करने के वजाय सर्मपण करके अपने प्रशंसकों जो कि मूलत: उत्ततर भारतीय है को निराश किया है। इसी प्रकार के प्रकरण किंग खान द्वारा जो दृढता दिखाई गयी वह काबिले तारीफ है। केवल अच्छार कलाकार होना उसके समग्र मूल्यांरकन का आधार नही हो सकता है। अमिताभ जी एक अच्छेअ कलाकार है लेकिन समग्र रूप से एक अच्छे‍ व्योक्ति भी है यह स्वीेकार नही है। अमिताभ जी समाज मे वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिये क्याो कर रहे है शायद ही याद हों लेकिन मंदिर मंदिर दर्शन पूजन करते दिखाया जाना उनके प्रशंसकों मे धार्मिक रूढिबाद जरूर पैदा करता है। यू0पी0 उदय मिशन ।

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